Jaati Ka Vinash Book PDF Download

Jati Ka Vinash

Jaati Ka Vinash Book PDF Download – दोस्तों आज भी हमारे देश में ऐसे लोगों की संख्या कहीं ज्यादा है जो जाति प्रथा के बीमारी से कहीं ना कहीं ग्रसित है। आज के इस लेख के माध्यम से हम आपको डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की सबसे श्रेष्ठ रचना जाति का विनाश के बारे में बताएंगे। डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी के इस रचना जाति का विनाश को 15 मई 1936 को प्रकाशित किया गया था। इस किताब को डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के श्रेष्ठ रचनाओं में से माना जाता है। इस पुस्तक में  डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के लाहौर भाषण को लिखा गया है।

इस पुस्तक में बताया गया है कि उस समय का भारत कैसा था और उस समय भारत में क्या हो रहा था। इस पुस्तक के माध्यम से हमें पता चलता है कि उस समय जाति प्रथा अपने चरम स्तर पर था और उस समय के कथित बड़े-बड़े नेता जो अपने राजनीतिक सत्ता परिवर्तन के लिए धर्म और जाति का इस्तेमाल कर रहे थे वही डॉक्टर भीमराव अंबेडकर समाजिक सुधार करना चाहते थे। दोस्तों यदि आप Jaati Ka Vinash Book PDF Download पुस्तक को पूरा पढ़ना चाहते हैं और यदि आप इस तरह की क्रांतिकारी किताबें पढ़ना पसंद करते हैं तो आज का हमारा ही अनेक आपके लिए ही हैं। आज के इस लेख में हम आपको बताएंगे कि आखिर जाति के विनाश इस पुस्तक में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने किन बातों पर चर्चा किया है और हमारे द्वारा दी गई पीडीएफ के जरिए आप इस पुस्तक को डाउनलोड करके इसे पूरा पढ़ सकेंगे।

Book Name              JAATI KA VINASH
Author                DR BHIMRAO AMBEDKAR 
   country                     India 
 Year                      1936
Downloads             6537 downloads 

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इस किताब में लिखी गई बातों डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने 1936 के एक लाहौर सभा में भाषण देने के लिए लिखा था। हालांकि डॉ भीमराव अंबेडकर का यह भाषण पूरा नहीं हो सका था और उसी को बाद में किताब का स्वरूप दिया गया था। डॉक्टर भीमराव अंबेडकर इस किताब में बताते हैं कि जब उन्हें लाहौर सभा में भाषण देने के लिए बुलाया गया था तो कुछ लोगों ने इसका विरोध किया था। आगे डॉक्टर भीमराव अंबेडकर बताते हैं की हिंदू उन्हें अपने बगीचे का सांप मानते थे जिस कारण डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के जी के द्वारा लिखी गई इन बातों को उस समय पर उनके द्वारा विरोध किया गया था।

आगे इस पुस्तक में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी बताते हैं कि क्यों आर्थिक सुधार के लिए सबसे पहले जरूरी है सामाजिक सुधार। सामाजिक सुधार से ही आर्थिक सुधार आएगा क्योंकि जब तक समाज के लोग आपस में हर तरह की छुआछूत की भावना से जाति प्रथा की भावना से ऊंच-नीच की भावना से ऊपर नहीं उठेंगे तब तक आर्थिक सुधार नहीं होगा। आगे इस पुस्तक में उन्होंने बताया है कि धर्म सामाजिक स्थिति और संपत्ति सत्ता के स्रोत होते हैं इनके जरिए ही बड़े-बड़े कथित राजनेता सत्ता को पाना चाहते हैं। डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी ने इस पुस्तक में समाजवादी पार्टियों और नेताओं से भी प्रश्न किया है और कहते हैं कि जब सर्वहारा एक नहीं है तो सबकी क्रांतियां एक कैसे हो सकती है कैसे लोग एक ही लक्ष्य के लिए  आपस में कुछ बिना मतभेद किए लड़ सकते हैं।

इस पुस्तक में आ गए डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी जाति प्रथा के ऊपर सवाल उठाते हुए कहते हैं कि जातियां सिर्फ इंसानों को ही नहीं बल्कि श्रमिकों को भी अलग-अलग स्तर पर बांट देती है। जाति प्रथा ने हमें असल में एक वास्तविक समाज और राष्ट्र का निर्माण करने से ही रोक दिया है। यह हम इंसानों की सोच को और विचार को एक सीमा रेखा के अंदर ही सिमट कर रहने को मजबूर कर दिया है।जाति प्रथा की वजह से इंसान के बीच सामाजिक बटवारा ही नहीं बल्कि आर्थिक बटवारा भी हो रहा है।

जाति प्रथा के कारण अलग-अलग पेशे से जुड़े लोग अपने कामों से भागना चाहते हैं। डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी कहते हैं की असल में जाति प्रथा या लोगों को अलग-अलग जाति में बांट देना ही  अवैज्ञानिक है क्योंकि हिंदू धर्म की जाति प्रथा शुद्धता और रक्त की बुनियाद पर टिका हुआ है जबकि वैज्ञानिक रूप से यह साबित किया जा चुका है की इंसानों के रक्त में कोई फर्क नहीं होता है इसलिए लोगों को अलग-अलग जाति में बांट देना ही पूरी तरह से और गलत है। इस पुस्तक के माध्यम से डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी ने जाति प्रथा को खत्म करने के लिए कुछ सुझाव भी दिए हैं उन्होंने कहा है कि हमें अंतरजातीय शादियों को बढ़ाना होगा।

Conclusion

दोस्तों आज के इस लेख के माध्यम से हमने आपको डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की। सबसे श्रेष्ठ रचना जाति का विनाश पुस्तक के बारे में बताया । यदि आप इस पुस्तक को पूरा पढ़ना चाहते हैं तो हमारे द्वारा दी गई लिंक के जरिए आप इसकी पीडीएफ को डाउनलोड करके इसे पूरा पढ़ सकते हैं।

हमें पूरी उम्मीद है कि आपको हमारा यह लेख जरूर पसंद आया होगा यदि आपको हमारा यह लेख पसंद आए हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर साझा करें एवं कमेंट विचार अवश्य दें।

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